Tuesday, March 16, 2010

माँ...

मेरी सारी दौलत , खोखले आदर्श,
नकली मुस्कराहट
सब छीनकर,
दो पल के लिए ही सही
मेरा बचपन लौटा देती है माँ...
कभी डाँटकर, कभी डपटकर
कभी माथे को सहलाकर,
अपने होने का एहसास दिलाती है माँ...
जब डरा सहमा सा,
रोता हूँ मैं
मेरे आंसू पोंछकर,
अपने आँचल में छुपा लेती है माँ...
जब रात्रिपहर में निद्रा से दूर
करवट बदलता रहता हूँ मैं,
अपनी गोद में सर रख कर
लोरी सुनाती  है माँ...
परेशान वो भी है अपनी ज़िन्दगी में बहुत,
पर हँसी के परदे के पीछे,
अपने सारे गम छुपा जाती है माँ .......

14 comments:

  1. it is really a touching poem.Without doubt our Mother's warmth make us forget all our misery and pain. Without doubt dis one is ur best Shekhu

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  2. jab bhi main tanha mehsoos karta hoon, wo maa hi hai jisey main yaad karta hoon....
    dl hi dil mein unse apni muskilatein bayaan hoti hai, aur ek mamta ki jhappi sab aasan kar deti hai....
    sochta hoon kabhi kaise karz mamta ka ada karna hai, jo bhi sochun har tareeka us karz pe chota parta hai....
    pyaar to bahuton se milte hain, par maa k pyaar k saamne sab chote hain....


    Hows that?? That's what I feel about mother and motherhood and just wrote after reading yours.... just got an inspiration 4m yours... amazing work..... keep on with your good work and looking forward to read more.......

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  3. @ PRATEEK JAIN, yeh to hona hi tha...
    seedha dil se nikal kar aayi hai poem...
    thanks...hope you'll like my forthcoming poems too...

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  4. @ Nishant Kishore kya baat hai...meri inspiration to charo taraf chha rahi hai...
    thankz yaar....and no doubt your one is grt too....
    I'll try my best for the next ones...

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  5. This course is a Soul mate Project in which you use your intellect, emotions and spirit to clarify and put forth your intentions for love

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  6. bahut badhiya......keep it up!

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  7. एहसास की यह अभिव्यक्ति बहुत खूब

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  8. Wah! Kya kamal ki sundar aur sahaj rachna hai!

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  9. मेरे ब्लॉग पर आने के लिए और टिपण्णी देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया!
    बहुत ख़ूबसूरत भाव और अभिव्यक्ति के साथ आपने शानदार रचना लिखा है जो काबिले तारीफ़ है! माँ के बारे में जितना भी कहा जाए कम है! माँ हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं और माँ पिताजी दोनों ही हमारे लिए भगवान का रूप हैं! उन्हीं की वजह से हम इस दुनिया में कदम रखें हैं!

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  10. मा तो होती ही ऐसी है ... अगर उसके बस में हो तो बच्चों के लिए कुछ भी कर दे ...

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  11. जय श्री कृष्ण..आपको बधाई ....आपने बेहद खुबसूरत कवितायेँ लिखी हैं....मन को छू देने वाली....सरल और सहज.....हांजी हमने बधाई देने में बहुत देर कर दी...और आपका आभार...बस इसी प्रकार अपनी दुआएं साथ रखियेगा.....हम और ज्यादा अच्छा और दिल से लिखने का प्रयास करते रहेंगे....!!!!
    ---डिम्पल

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