Thursday, April 8, 2010

तुम मुझे मिलीं....

यह कविता समर्पित है मेरी एक ख़ास दोस्त को जो जाने-अनजाने में ही कब  मेरी सबसे अच्छी दोस्त  बन गयी पता ही नहीं चला ..और हाँ सिर्फ दोस्त.....
तुम मुझे मिलीं....
निस्संग रास्ते में मित्र की तरह,
मित्रता की सरहद पर मिलाप की तरह
थकान में उतरती हुई नींद की तरह,
नींद में अपने प्राणों के स्पर्श की तरह,
तुम मुझे मिलीं....
सूखी  बंजर धरती पर बारिश की बूँद की तरह,
किसी माला में गूंथे हर-एक मोती की तरह,
घने वीरान जंगल में एक पगडण्डी की तरह,
तुम मुझे मिलीं...
कंटीली यादों के बीच कोमल पंखुरियों की तरह,
एक निराश कवि के भूले- बिसरे शब्दों की तरह....
तुम मुझे मिलीं.....

23 comments:

  1. dude awesome......... i envy that lucky "मिली"

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  2. very gud yaar i really appreciate it and congrats on getting such a gud frnd

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  3. Hello :)

    What a nice dedication to friendship is felt in this composition of yours!!!
    Very refreshing :)

    Regards,
    Dimple
    http://poemshub.blogspot.com

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  4. Hey!

    ha thats good u found ur friend, its tough to get a true friend in these days....
    btw...did the friend find u or u found ur friend?either way its for both right?
    good one.....

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  5. निराश कवि के भूले बिसरे शब्द या निराश कवि की सुनहरी कल्पना की तरह .... भावों को लाजवाब पिरोया है
    बहुत अच्छी रचना है .... कृपया सुखी को सूखी कर लें ....

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  6. shekhar bhai aap bahut hi sunder likhte hai...

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  7. किस खूबसूरती से लिखा है आपने। मुँह से वाह निकल गया पढते ही।

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  8. आप तो बहुत ही सुन्दर लिखते हैं ! कविता की हर पंक्ति लाजवाब है ! मेरी शुभकामनायें और साधुवाद स्वीकार करें ! बहुत बहुत बधाई और आभार !

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  9. good work....keep going...:)

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  10. बहुत ख़ूबसूरत रचना लिखा है आपने जो काबिले तारीफ़ है! सुन्दर भाव के साथ उम्दा रचना!

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  11. who is the lucky girl??????
    i think i knw her.... :)
    gud very gud!

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  12. hey maine aapki rachnaye padi hai..itne asan lafjo main bhavnayo ko waykt karna asan nahi hai....grt work...keep going...Shambhu Singh

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  13. very nic creation :)good wrk:)

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  14. bahut khoobsurti say dosti ko alfaz diye hain apne.....v v nicee one

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  15. दोस्ती कि इस जज्बे को मेरा सलाम

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  16. behad khoobsurat bimb hai,,jangle ki pagdandi or kavi ke bhule shabad visheshkar..

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  17. i have added u on my link....it would b easy to me to b updated about ur posts.........

    nice poem...dosti itni acchi ho skti hai...ye mai janti hu isliye i agree wid u that she is only ur frnd

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  18. Bahut khub Uncle ji...Apni is dost se kabhi hamen bhi to milvaiye !!

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  19. TUM MUGHE MILI
    BAHUT HI SUNDER LAGI DOBARA PADHNE CHALA AAYA...

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