Sunday, March 26, 2017

पसीने से बहती कहानियां...

मेरे उतारे हुए मोज़े से
आती है
पसीने की अजीब सी गंध,
जैसे कुछ कहानियां और कुछ नज्में
थक गयी हों मेरे साथ चलते हुए
और बह गयी हों
पैरों के रास्ते से...

बीती रात
एक चूहा चुरा ले गया
छत पे पसरे उन मोजों को,
जाने उसे मेरी कौन सी कहानी
पसंद आ गयी होगी,
और उसे कुतर कर
बना लिया होगा
अपने लिए उन बिखरे शब्दों का बिल...

5 comments:

  1. आपकी इस पोस्ट को आज की बुलेटिन विश्व रंगमंच दिवस और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है।कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  2. बिखरे शब्दों से उपजी कहानी ... अनोखी गंध लिए भूत प्रभावी

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  3. वाह..और उस बिल में रहकर वह सुनाता होगा अपने बच्चों को वह कहानी..

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  4. अपने बच्चो के लिए बना होगा सुनहरे सपने ।

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